राष्ट्रीय तानसेन सम्मान - वर्ष 2025
के बारे में
पं. तरुण भट्टाचार्य (राष्ट्रीय तानसेन सम्मान 2025)
पण्डित तरुण भट्टाचार्य भारतीय शास्त्रीय संगीत के उन विरले कलाकारों में से हैं, जिन्होंने न केवल संतूर वाद्य को वैश्विक पहचान दिलाई, बल्कि इसके स्वरूप, शैली और तकनीक में क्रांतिकारी परिवर्तन कर इसे नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। 23 दिसम्बर 1957 को पश्चिम बंगाल में जन्मे पण्डित तरुण भट्टाचार्य प्रसिद्ध संतूर वादक एवं संगीतकार के रूप में विश्वभर में सम्मानित हैं। आपके पिता रबी भट्टाचार्य ने प्रारंभिक जीवन से ही आप में संगीत के प्रति अनुशासन, संस्कार और संवेदनशीलता का बीज बोया। एक संतूर विशेषज्ञ के रूप में आपने अपने पाँच दशकों से अधिक लंबे करियर में संतूर को विश्व मंच पर एक नई प्रतिष्ठा दिलाई है।