About Tansen Samaroh

Tansen Samaroh is celebrated every year in the month of December in Behat village of Gwalior district, Madhya Pradesh. It is a 4 day musical extravaganza . Artist and music lovers from all over the world gather here to pay tribute to the Great Indian Musical Maestro Tansen. The event is organized near the tomb of Tansen by the Academy of the department of culture, Government of Madhya Pradesh. Artists from all over India are invited to deliver vocal and instrumental performances.

Tansen Samaroh is organized jointly by Ustad Alauddin Khan Kala Evam Sangeet Academy and Department Of Culture, Govt. of Madhya Pradesh.


तानसेन समारोह का शुभारम्भ हरिकथा एवं मीलाद शरीफ से होगा 16 दिसम्बर, 2016 प्रात: 9.30 बजे

तानसेन समारोह की सांगीतिक यात्रा 9 दशक पूरे कर शताब्दी के अंतिम दशक में प्रवेश कर चुकी हैं। समारोह से जुड़ी अनन्यतम गतिविधि के रूप में समारोह के शुभारम्भ दिवस पर प्रात: विख्यात संगीतकार तानसेन साहब की समाधि पर हरिकथा एवं मीलाद का आयोजन किया जाता है। यह वर्षों से तानसेन समारोह की महत्वपूर्ण गतिविधि रही हैं। परम्परानुसार हरिकथा ढोलीबुवा महाराज द्वारा एवं मीलाद शरीफ मौलाना साहब द्वारा प्रस्तुत की जायेगी।

वादी-संवादी 17 से 18 दिसम्बर, 2016 सायं सायं 4 से 6 बजे तक कलावीथिका पड़ाव, ग्वालियर

वादी-संवादी तानसेन समारोह की नियमित गतिविधि के रूप में स्थापित है। पिछले वर्षों में संगीत की पारम्परिक सभाओं के साथ-साथ विमर्श का क्रम निरन्तरता में आयोजित किया जाता रहा है। यह प्रयास सफल रहा और हमें पिछले तानसेन समारोहों में लाभ भी मिला। इस अनुष्ठान में देश के संगीत मनीषी अपने घराने की सांगीतिक विशिष्टताओं के साथ-साथ स्वयं की संगीत साधना और अवदान से कला रसिकों को अभिभूत करते रहे हैं। संगीत समारोह की समग्रता में विमर्श एक अनूठी कड़ी है। हम आभारी हैं कि वादी-संवादी की इस महनीय यात्रा में संगीत मनीषी और सुधी रसिकजन सहभागी बने हैं। इस वर्ष दुर्लभ ध्रुपद, संगीत का गणित एवं बाईस श्रुति हारमोनियम, तबला वादन तब और अब एवं संगीत का अध्यात्म विषय पर

दस्तावेज एवं धरोहर प्रदर्शनी 16 से 20 दिसम्बर, 2016 प्रात: 11.00 बजे से तानसेन समारोह स्थल दस्तावेज प्रदर्शनी

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत को विश्व में गुँजायमान करने में तानसेन समारोह की सफल और सुस्पष्ट भूमिका रही है। संगीत की इस यशोगाथा के परचम को देश के मूर्धन्य संगीतकारों में अपनी सतत् साधना से विश्व संगीत जगत में फहराया है। तानसेन समारोह संगीत का समारोह है परन्तु यह समारोह छायाचित्र कला की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है। सुरसाधकों के अंदाज अपने कैमरे में कैद करने में कोई-कोई छायाचित्रकार ही सफल हो पाते हैं। यहीं नहीं पूर्व वर्षों में आयोजित तानसेन समारोह की यादें कलात्मक छायाचित्रों के माध्यम से सहेजने का उद्यम छायाचित्रकार करते रहे हैं। उनके संग्रह में संगृहीत/संकलित छात्राचित्रों की प्रदर्शनी ‘दस्तावेज’ अनुषंग रूप में आयोजित की गई है। इस प्रदर्शनी से कलारसिक तानसेन समारोह की पुरानी यादों के साक्षी बनेंगे।

धरोहर प्रदर्शनी हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत

रंग सम्भावना 16 से 20 दिसम्बर, 2016 दोपहर 2.00 बजे शासकीय ललित कला महाविद्यालय, ग्वालियर

हिन्दुस्तानी शास्त्रीय संगीत में ग्वालियर घराने की संगीत परम्परा का अपना विशिष्ट योगदान रहा है। ठीक इसी तरह भारतीय चित्र शैलियों की परम्परा में ग्वालियर कलम परम्परा अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति को व्यक्त करती रही है। तानसेन समारोह संगीत के साथ-साथ कलात्मक अभिव्यक्ति तथा ग्वालियर कलम के प्रोत्साहन स्वरूप ‘रंग सम्भावना’ शीर्षक से प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। यह प्रदर्शनी कलाप्रेमियों को अपनी कला परम्परा से साक्षात्कार करने का माध्यम बनेगी।

आठवीं सभा बेहट ग्राम में

20 दिसम्बर, 2016 10.30 बजे पूर्व वर्षों की तरह तानसेन समारोह की आठवीं सभा ग्वालियर से 40 कि.मी. दूर संगीत सम्राट तानसेन की साधना स्थली ग्राम बेहट में की जायेगी।

तानसेन समारोह की अंतिम सभा

गूजरी महल में 20 दिसम्बर, 2016 सायं 7 बजे से हजीरा के समीप स्थित गूजरी महल को तानसेन समारोह से जोड़ते हुए वहाँ पर भी एक संक्षिप्त संगीत सभा आयोजित किया जाना सुनिश्चित किया गया है। यह संगीत सभा तानसेन समारोह की अंतिम सभा के रूप में गूजरी महल में 20 दिसम्बर, 2016 की सायं 8 बजे से आयोजित की जायेगी।

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About Festival

The famous Tansen Sangeet Samaroh is celebrated every year at the Tansen Tomb in Gwalior, Madhya Pradesh. Tansen Samaroh is a platform where artists from all over India, gather and participate to deliver vocal and instrumental performances.

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